
वर्षा ऋतु आ चुका है, और हम सभी के जीवन में एक नया संचार पैदा करता है। एक तरफ जहां इसका सुहावना मौसम गर्मी से राहत देता है। वही दूसरी तरफ स्वास्थय सम्बन्धी समस्याएं भी पैदा करता है। इस मौसम में प्रमुख जलजनित रोग हमारे स्वास्थय विपरीत प्रभाव डालते है। और हमें बीमार करते है। अतः आवश्यक है कि हम इस मौसम में सावधानी बरते, जिससे इस मौसम का आनंद उठाने के साथ-साथ हम स्वस्थ रह सके।
तो आइये देखते है। इससे सम्बंधित कुछ टिप्स
बारिश के मौसम में पानी के दूषित होने की बहुत संभावना रहती है। इसलिए सभी को पानी को उबालकर ही पीना चाहिए और सभी के घरो में वाटर फिल्टर अवश्य होना चाहिए।
बारिश के मौसम में पानी के दूषित होने की बहुत संभावना रहती है। इसलिए सभी को पानी को उबालकर ही पीना चाहिए और सभी के घरो में वाटर फिल्टर अवश्य होना चाहिए।
वर्षा ऋतु में वायु विकार अधिक कष्टकारी होता है। इसलिए सुबह उठने के पश्चात दिन की शुरूआत एक गिलास गुनगुने पानी में नीबू का रस और शहद दोनों दो से चार चम्मच डालकर पीने से पेट साफ रहता है, और पाचन शक्ति भी ठीक रहता है।
बारिश के मौसम में कीचड़ और पानी के कारण नंगे पैर नहीं टहलना चाहिए। सुबह और शाम को सैर करने वालो को पार्क और घर पर टहलने में सावधानी बरतनी चाहिए।
पेट की गड़बड़ी में खान-पान का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। इसलिए ध्यान रखे कि बारिश के मौसम में बासी भोजन तथा बाज़ार में बिकने वाले खुले खाद्य पदार्थो का सेवन न करे।
बारिश के मौसम में कपड़ो को धूप दिखाते रहना चाहिए और कपड़ो को पहनते समय झटककर और देखकर ही पहनना चाहिए, जिससे उसमे कोई बरसाती कीड़ा छुपा न रह जाए।
भोजन गर्म और हल्का तथा सुपाच्य ही लेना चाहिए, अदरक,पुदीना,नीबू और हरी मिर्च आदि का प्रयोग इस मौसम में अवश्य करना चाहिए।
जिन स्थानों पर कूड़ा-करकट जमा होकर सड़ता हो और कीचड़ अधिक हो उन स्थानों को साफ रखने का प्रयास करे तथा पालतू जानवरो से होने वाली गन्दगी को साफ करते रहना चाहिए।








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