कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए हाथों को सैनिटाइज़र से साफ़ करना जरूरी होता है | तीन महीने से इसका इस्तेमाल कर रहे लोगों की आदत में यह शामिल हो गया है | लोग बार-बार हैंडसैनिटाइज़र का इस्तेमाल कर रहे है, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि इसका अधिक व् बिना जरूरत इस्तेमाल त्वचा, पेट के रोग पैदा कर सकता है, डॉ. सैनिटाइज़र के फायदे-नुकशान बताते हुए कहते हैं | कि कोरोना की दस्तक से पहले सैनिटाइज़र के बारे में आम तौर पर डॉक्टर ही जानते थे।
वह मरीज देखने के बाद, आपरेशन करने के पहले व् बाद में अपने हाथ आपरेशन करने के पहले व् बाद में अपने हाथ सैनिटाईज़ करते थे। कोरोना काल की शुरुआत में तो सैनिटाइज़र दुरलभ जड़ी-बूटी की तरह हो गया था। आसानी से मिल ही नहीं रहा था। हालांकि अब हर दूकान पर कई रेट, साइज व् सुगंध में उपलब्ध है। इसके इस्तेमाल का सही तरीका व् गुणवत्ता न जानने के चलते बहुत से लोग अपने को खतरे में डाल रहे है।
पेट में जाने से खतरा :
सैनिटाइज़र में अलकोहल की मात्रा ज्यादा होती है। इसे हाथो पर लगाने के बाद उसी हाथ से तमाम लोग नाश्ता, भोजन कर लेते है। ऐसा करना उनकी सेहत पर गंभीर ख़तरा उत्पन्न कर सकता है। दरअसल हैंड सैनिटाइज़र में कई प्रकार के केमिकल्स मिले होते है। कीटाणुओ को नष्ट करने के लिए अलकोहल की मात्रा होती है। ऐसे में फूड प्वाजनिंग हो सकती है।
मानव शरीर में अच्छे और नुक्सानदायक दोनों प्रकार के बैक्टेरिया पाए जाते है। हाथों पर भी कुछ अच्छे बैक्टीरिया होते है। ऐसे में कोरोना के डर से लगातार सैनिटाइज़र से हाथ साफ करने के कारण हाथों पर मौजूद लाभकारक बैक्टीरिया भी मर जाते है।
https://www.facebook.com/yegoodhealth
https://www.instagram.com/yegoodhealth/
वह मरीज देखने के बाद, आपरेशन करने के पहले व् बाद में अपने हाथ आपरेशन करने के पहले व् बाद में अपने हाथ सैनिटाईज़ करते थे। कोरोना काल की शुरुआत में तो सैनिटाइज़र दुरलभ जड़ी-बूटी की तरह हो गया था। आसानी से मिल ही नहीं रहा था। हालांकि अब हर दूकान पर कई रेट, साइज व् सुगंध में उपलब्ध है। इसके इस्तेमाल का सही तरीका व् गुणवत्ता न जानने के चलते बहुत से लोग अपने को खतरे में डाल रहे है।
पेट में जाने से खतरा :
सैनिटाइज़र में अलकोहल की मात्रा ज्यादा होती है। इसे हाथो पर लगाने के बाद उसी हाथ से तमाम लोग नाश्ता, भोजन कर लेते है। ऐसा करना उनकी सेहत पर गंभीर ख़तरा उत्पन्न कर सकता है। दरअसल हैंड सैनिटाइज़र में कई प्रकार के केमिकल्स मिले होते है। कीटाणुओ को नष्ट करने के लिए अलकोहल की मात्रा होती है। ऐसे में फूड प्वाजनिंग हो सकती है।
मानव शरीर में अच्छे और नुक्सानदायक दोनों प्रकार के बैक्टेरिया पाए जाते है। हाथों पर भी कुछ अच्छे बैक्टीरिया होते है। ऐसे में कोरोना के डर से लगातार सैनिटाइज़र से हाथ साफ करने के कारण हाथों पर मौजूद लाभकारक बैक्टीरिया भी मर जाते है।
https://www.facebook.com/yegoodhealth
https://www.instagram.com/yegoodhealth/

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
यदि आप कुछ भी और जानकारी चाहते है, तो आप यहाँ लिख सकते है। धन्यबाद