रविवार, 12 जुलाई 2020

उपवास

उपवास एक तरह से हमारे शरीर के लिए दवा का  काम करता है, यह हमारे दिमाग को शांत और मन को प्रसन्न रखता ही है, साथ-साथ बढ़ते उम्र के साथ होने वाली नई-नई बीमारियों को भी दूर रखता है। 



यहाँ अक्सर सभी लोग उपवास को धर्म से जोड़कर देखते है, परन्तु ऐसा नहीं है उपवास का धार्मिक लाभ तो है ही इसके साथ-साथ यह हमारे सेहत को भी ठीक रखता है। इस समय बारिश का मौसम भी आ चुका है, और कोरोना महामारी भी फ़ैल रहा है, ऐसे में हम सभी को अपने सेहत को ठीक रखने के लिये सप्ताह में एक या दो दिन उपवास रखना चाहिए। 



 शोध के अनुसार 
                            यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथ कैलिफोर्निया का शोध कहता है, कि उपवास करने से फैट तेजी से बर्न होता है, और मोटापा कण्ट्रोल करने में भी सहायता मिलती है। मोटापा और भी बीमारियों का एक मुख्य कारण है। जैसे -बैड कोलेस्ट्रोल का बढ़ना, ब्लड प्रेशर, डयबिटीज, दिल सम्बन्धी बिमारी, आदि बीमारियों का कारन है। व्रत रखने से बढ़ते वजन को रोकने में भी मद्दद मिलती है और बीमारियां भी काम होती है। उपवास रखने से नई रोग प्रतिरोधक कोशिकाओं के बनने में सहायता होती है। शरीर के अंदर की गन्दगी को साफ करने में और पाचन क्रिया को ठीक रखने के लिए आप अपनी सुविधानुसार कभी भी उपवास कर सकते है। कई अध्ययन में यह पाया गया है कि कुछ समय के लिए उपवास से मेटाबोलिक रेट में 3 से 4 फीसदी तक बढ़ोत्तरी होती है। उपवास रखने से दिमाग भी स्वस्थ रहता है। उपवास रखने से डिप्रेसन और दिमाग से जुडी कई समस्याओं में लाभ होता है, उपवास करने से तनाव में भी फायदा होता है।



सेहत को ठीक रखने में उपयोगी उपवास -
                                                                   हमारे शरीर के पाचन तंत्र सिस्टम को भी थोड़ा आराम की जरूरत होती है, क्योकि लगातार काम करते हुए हमारा पाचन तंत्र भी खराब हो सकता है। पाचन तंत्र को आराम देने का सबसे अच्छा उपाय है, व्रत करना। जब हम कुछ भी खाते है, तो हमारे पूरे पाचन तंत्र को काम करना पड़ता है, विशेषतः लिवर और किडनी को ज्यादा काम करना पड़ता है। व्रत करने का सबसे ज्यादा फायदा हमारे शरीर को यह है कि इसको ज्यादा काम नहीं करना पड़ता है। यूनिवर्सिटी ऑफ़ लंदन का एक शोध कहता है, यदि आप बीमारियों से बचना चाहते है, और वृद्धावस्था में भी सेहतमंद रहना चाहते है, तो व्रत करना आपके लिए लाभकारी हो सकता है, व्रत करने से आपके शरीर की चयापचय प्रक्रिया पर लाभकारी प्रभाव पड़ता है, और बढ़ती उम्र की बीमारियों को दूर रखने में मदद मिलती है। कुछ भी न खाने से शरीर में सिरकेडियन क्लॉक और व्रत संचालित कोशिकीय प्रतिक्रियाओं पर असर पड़ता है। यदि नियमित व्रत रखा जाए तो हमारे शरीर की कोशिकीय प्रणाली पर सकारात्मक लाभ होगा, जो अतंतः हमारे स्वास्थ्य पर लाभकारी प्रभाव डालता है, और नई बीमारियों से भी बचाता है।



उपवास के फायदे अनेक -
                                          हफ्ते में कम से कम दो दिन दिन व्रत अवश्य रखना चाहिए, क्योकि व्रत रखने से जब हम कुछ भी नहीं  खाते है, तो शरीर में फैट सेल्स लैप्टिन नाम के हारमोन का स्त्राव होता है, जो हमारे वजन को कम रखने में सहायक होता है। विशेषज्ञो की माने तो कीमोथेरेपी कराने वाले मरीजो के लिए व्रत रखना बहुत फायदेमंद होता है। जब हम एक दिन का व्रत रखते है, तब  कुछ भी न खाने की वजह से हमारे शरीर की गन्दगी बाहर आती है, और शरीर की सफाई हो जाती है, और हमारा पाचन तंत्र भी मजबूत होता है। उपवास करने से मेटाबोलिक रेट में 3 से 14 फीसदी तक बढ़ोत्तरी होती है। उपवास रखने से दिमाग भी स्वस्थ रहता है, डिप्रेसन और दिमाग से जुडी कई समस्याओं में लाभ होता है, जब आप उपवास करते है। तो इस समय शरीर में जमा चर्बी तेजी से गलना शुरू होता है, और मोटापा भी कम होता है। उपवास करने से नई रोग प्रतिरोधक कोशिकाओं के बनने में मदद मिलती है।  
                                                                                          

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